“Iran Protests 2025 Explained: Internal Crisis, US Role, Gulf Implications and Impact on India” in Hindi

Iran protests 2025 explained

Iran Protests 2025 Explained: Internal Crisis, US Role, Gulf Implications and Impact on India in Hindi. This is specific to Hindi understanding students relevant to Competitive exams

Iran Protests 2025

ईरान में वर्तमान विरोध-प्रदर्शन: कारण, स्थिति और भू-राजनीतिक प्रभाव

I. पृष्ठभूमि: ईरान में बार-बार विरोध क्यों?

ईरान में 2024–25 के दौरान विरोध-प्रदर्शन फिर तेज़ हुए हैं। इसके पीछे आर्थिक संकट, सामाजिक नियंत्रण और राजनीतिक असंतोष का संयुक्त प्रभाव है।

मुख्य संरचनात्मक कारण

  1. आर्थिक दबाव: महंगाई 40%+, मुद्रा अवमूल्यन, युवाओं में बेरोज़गारी, प्रतिबंधों का असर
  2. सामाजिक-सांस्कृतिक नियंत्रण: नैतिक पुलिस, महिलाओं के अधिकारों पर कठोरता, अभिव्यक्ति की सीमाएँ
  3. राजनीतिक असंतोष: केंद्रीकृत सत्ता, सुधारवादी स्पेस का सिकुड़ना, चुनावी प्रक्रिया से मोहभंग

II. वर्तमान विरोधों की प्रकृति (2024–25)

  • नेतृत्व-विहीन और विकेन्द्रित
  • युवा, महिलाएँ और शहरी मध्यम वर्ग की प्रमुख भागीदारी
  • प्रमुख केंद्र: तेहरान, इस्फ़हान, शीराज़; कुर्द व बलूच क्षेत्र
  • माँगें: महँगाई से राहत, सामाजिक स्वतंत्रताएँ, नैतिक पुलिस में ढील, जवाबदेही

नारों का रुख मुद्दों से प्रणालीगत आलोचना की ओर बढ़ा है।

III. ईरान की आंतरिक राजनीतिक-सुरक्षा प्रतिक्रिया

  • IRGC और बसिज की तैनाती
  • इंटरनेट/सोशल-मीडिया प्रतिबंध
  • कार्यकर्ताओं, पत्रकारों की गिरफ़्तारियाँ
  • सीमित रियायतें (कुछ क्षेत्रों में हिजाब प्रवर्तन में ढील)
    रणनीति: विरोधों को “विदेश-प्रायोजित” बताना, विपक्ष के केंद्रीकरण को रोकना, शासन-स्थिरता बनाए रखना

IV. अमेरिका की भूमिका और कथित हस्तक्षेप(Iran Protests 2025)

ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका पर हाइब्रिड हस्तक्षेप का आरोप लगाता है; अमेरिका इसे मानवाधिकार समर्थन बताता है।

कथित/अप्रत्यक्ष माध्यम

  1. सूचना युद्ध: फ़ारसी-भाषी मीडिया समर्थन, सेंसरशिप-विरोधी टूल्स
  2. प्रतिबंध नीति: आर्थिक दबाव से असंतोष बढ़ना
  3. कूटनीतिक दबाव: UN मंचों पर आलोचना, लक्षित प्रतिबंध

अमेरिकी हित: ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर लगाम, क्षेत्रीय प्रभाव (हिज़्बुल्लाह/हूती) सीमित करना, इज़राइल व खाड़ी सहयोगियों की सुरक्षा

V. खाड़ी देशों पर प्रभाव

1. क्षेत्रीय सुरक्षा

  • प्रॉक्सी संघर्षों का जोखिम (यमन, इराक, सीरिया)
  • ऊर्जा अवसंरचना व शिपिंग पर खतरा

2. होर्मुज़ जलडमरूमध्य

  • विश्व तेल व्यापार का ~20% यहाँ से—अस्थिरता से वैश्विक जोखिम

3. खाड़ी देशों की दुविधा

देशचिंता
सऊदी अरबऊर्जा सुरक्षा, प्रॉक्सी स्पिलओवर
UAEव्यापार/निवेश जोखिम
क़तरगैस निर्यात, स्थिरता

VI. वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर असर

  • तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव
  • टैंकर बीमा लागत बढ़ना
  • रणनीतिक भंडार (SPR) का उपयोग
  • OPEC की भूमिका का बढ़ना

VII. भारत पर प्रभाव 🇮🇳

  1. ऊर्जा सुरक्षा: क्षेत्रीय अस्थिरता से आयात बिल बढ़ सकता है
  2. कनेक्टिविटी: चाबहार पोर्ट व मध्य एशिया संपर्क पर जोखिम
  3. प्रवासी भारतीय: खाड़ी में सुरक्षा/रोज़गार, रेमिटेंस पर असर
  4. कूटनीति: ईरान-अमेरिका-खाड़ी के बीच रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना

VIII. आगे के संभावित परिदृश्य

परिदृश्यपरिणाम
नियंत्रित दमनशासन स्थिरता, धीमे सुधार
लंबा असंतोषआर्थिक गिरावट, कड़े प्रतिबंध
बाहरी उकसावखाड़ी संघर्ष, तेल-झटका
सीमित समायोजनसामाजिक ढील, शासन निरंतरता

निष्कर्ष

ईरान के वर्तमान विरोध गहरे आर्थिक-सामाजिक असंतोष और भू-राजनीतिक दबावों का परिणाम हैं। अमेरिका की कथित भूमिका को ईरान हस्तक्षेप मानता है, जबकि अमेरिका मानवाधिकार समर्थन बताता है। ईरान में अस्थिरता खाड़ी सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा और भारत के रणनीतिक-आर्थिक हितों पर सीधा प्रभाव डालती है। भारत के लिए संतुलित कूटनीति, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना सर्वोपरि है।

Iran Protest 2025 relevant to Exams
Iran Protests 2025

1 thought on ““Iran Protests 2025 Explained: Internal Crisis, US Role, Gulf Implications and Impact on India” in Hindi”

Leave a Comment